हमें जिस दिन अलग होना पड़ेगा
सुनो ! उस दिन हमारी मात होगी"


 अगर तुमसे कभी जो बात होगी
तो बातों में मेरी जज़्बात होगी ।

मेरी जिस दिन भी तुम से बात होगी
यक़ीनन आँखों से बरसात होगी ।।

अगर तुम रूठ कर जाओगे ऐसे
बसर मुझसे ना तब ये रात होगी ।

तुम्हारे बाद भी तँन्हा ना होंगे
तुम्हारी याद मेरे साथ होगी ।

हमें जिस दिन अलग होना पड़ेगा
सुनो ! उस दिन हमारी मात होगी ।

तुम्हारी सुर्ख आँखें कह रहीं है
महज़ कुछ देर में बरसात होगी ।

अजीत सतनाम कौर
जनवरी 2018 .

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