कब किसे क्या बना दे तू मौला
कौन जाने तेरी रज़ा क्या है ।

इस ज़माने से कब मिला क्या है
इसने आख़िर मुझे दिया क्या है।

मेरा मुझमें जो था वो बाँट दिया
मेरा मुझमें तो अब रहा क्या है।

जिसपे जीवन लुटा दिया अपना
वो ही बोला मुझे दिया क्या है।

वार दी तुझपे ज़िन्दगी अपनी
पूछते हो तुम्हीं वफ़ा क्या है।

छोड़ कर जा रहे हो तुम मुझको
असक, बताओ मेरी ख़ता क्या है।।

अजीत सतनाम कौर
जनवरी 2018

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